WhatsApp Shayari in Hindi for WhatsApp

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Mothers Day Short Notes Sometimes, a couple words are sufficient to convey your specific feelings. All of us need reminding of the simple life lessons sometimes. Everything, I will share is distinctive and intriguing guys and thus don’t think you can read same and same things on all websites. Today time, several sites supply some attractive Janmashtami pictures, pictures and wallpapers at no cost, which may help you to wish happy Janmashtami to your pals and buddies. Well, this short article is about Sharabi WhatsApp Shayari in Hindi which we’ve shared. It’s necessary they find an honest on-line source for themselves from where they are easily able to read and collect Good Morning shayari for their private usage. This makes them extremely popular since they supply fresh new approaches to clearly show their attitude status.

सभी त्योहार मिलजुल कर मनाते थे वहाँ जब थे
दिवाली छोड़ आए हैं दशहरा छोड़ आए हैं

हमें सूरज की किरनें इस लिए तक़लीफ़ देती हैं
अवध की शाम काशी का सवेरा छोड़ आए हैं

गले मिलती हुई नदियाँ गले मिलते हुए मज़हब
इलाहाबाद में कैसा नज़ारा छोड़ आए हैं

हम अपने साथ तस्वीरें तो ले आए हैं शादी की
किसी शायर ने लिक्खा था जो सेहरा छोड़ आए हैं

HINDI SHAYARI COLLECTION IS VERY TRENDING SEARCH ON THE INTERNET. EVERY LOVER LIKE TO READ AND SEND THESE TYPE OF SHAYARI’S. SOME OF THE LOVERS SHARE HINDI SHAYARI ON SOCIAL MEDIA AND OTHERS WRITE THEM IN A DIARY OR PAPERS. SO, ARE YOU ALSO FINDING HINDI SHAYARI COLLECTION FOR WHATSAPP & FACEBOOK OR OTHER SOCIAL MEDIA LIKE INSTAGRAM
हमारे दौर में इंसान का अकाल रहा !
ये लोग फिर भी पयंबर की बात करते हैं !!

जिन्हे भरोसा नहीं है स्वयं की मेहनत पर !
वे रोज ही किसी मंत्र के बात करते हैं !!

नहीं है नीव के पत्थर का जिक्र जिनके यहां !
ये बेशकीमती पत्थर की बात करते हैं !!

ये अफसरी भी मनोरोग बन गई आखिर !
वो अपने घर में भी दफ्तर की बात करते हैं !!

मैं कैसे मान लूं वो लोग हो गए हैं निडर !
जो बार-बार किसी डर की बात करते हैं !!

वो अपने आगे किसी और को नहीं गिनते !
वो सिर्फ अपने ही शायर की बात करते हैं !!

उड़ान भर हवाओं में या गोता लगा समुंदर में !
तुझको उतना ही मिलेगा जितना लिखा मुकद्दर में !!

परदेश जाकर वो मुझे भूल गया है , बीते हुए खाब की तरह
हम हर पल उसे याद करते है,अपनी हर इक सास की तरह !

*******

हम पीना चाहते है उनकी निगाहों से
हम जीना चाहते हैं उनकी पनाहों में
हम चलना चाहते हैं उनकी राहों में
हम मरना चाहते हैं उनकी बाहों में

********

<p>Mothers Day Short Notes Sometimes, a couple words are sufficient to convey your specific feelings. All of us need reminding of the simple life lessons sometimes. Everything, I will share is distinctive and intriguing guys and thus don’t think you can read same and same things on all websites. Today time, several sites supply some attractive Janmashtami pictures, pictures and wallpapers at no cost, which may help you to wish happy Janmashtami to your pals and buddies. Well, this short article is about Sharabi Shayari in Hindi which we’ve shared. It’s necessary they find an honest on-line source for themselves from where they are easily able to read and collect Good Morning shayari for their private usage. This makes them extremely popular since they supply fresh new approaches to clearly show their attitude status. </p>

सभी त्योहार मिलजुल कर मनाते थे वहाँ जब थे
दिवाली छोड़ आए हैं दशहरा छोड़ आए हैं

हमें सूरज की किरनें इस लिए तक़लीफ़ देती हैं
अवध की शाम काशी का सवेरा छोड़ आए हैं

गले मिलती हुई नदियाँ गले मिलते हुए मज़हब
इलाहाबाद में कैसा नज़ारा छोड़ आए हैं

हम अपने साथ तस्वीरें तो ले आए हैं शादी की
किसी शायर ने लिक्खा था जो सेहरा छोड़ आए हैं

HINDI SHAYARI COLLECTION IS VERY TRENDING SEARCH ON THE INTERNET. EVERY LOVER LIKE TO READ AND SEND THESE TYPE OF SHAYARI’S. SOME OF THE LOVERS SHARE HINDI SHAYARI ON SOCIAL MEDIA AND OTHERS WRITE THEM IN A DIARY OR PAPERS. SO, ARE YOU ALSO FINDING HINDI SHAYARI COLLECTION FOR WHATSAPP & FACEBOOK OR OTHER SOCIAL MEDIA LIKE INSTAGRAM
हमारे दौर में इंसान का अकाल रहा !
ये लोग फिर भी पयंबर की बात करते हैं !!

जिन्हे भरोसा नहीं है स्वयं की मेहनत पर !
वे रोज ही किसी मंत्र के बात करते हैं !!

नहीं है नीव के पत्थर का जिक्र जिनके यहां !
ये बेशकीमती पत्थर की बात करते हैं !!

ये अफसरी भी मनोरोग बन गई आखिर !
वो अपने घर में भी दफ्तर की बात करते हैं !!

मैं कैसे मान लूं वो लोग हो गए हैं निडर !
जो बार-बार किसी डर की बात करते हैं !!

वो अपने आगे किसी और को नहीं गिनते !
वो सिर्फ अपने ही शायर की बात करते हैं !!

उड़ान भर हवाओं में या गोता लगा समुंदर में !
तुझको उतना ही मिलेगा जितना लिखा मुकद्दर में !!

परदेश जाकर वो मुझे भूल गया है , बीते हुए खाब की तरह
हम हर पल उसे याद करते है,अपनी हर इक सास की तरह !

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हम पीना चाहते है उनकी निगाहों से
हम जीना चाहते हैं उनकी पनाहों में
हम चलना चाहते हैं उनकी राहों में
हम मरना चाहते हैं उनकी बाहों में

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